भारत एक बड़ा देश है, देश में 29 राज्य है 7 केंद्रशासित प्रदेश है. देश में कुछ राज्यों के क्षेत्रफल बड़े है तो कुछ जनसंख्या की नजर से काफी बड़े हैं. इन बड़े राज्यों को लेकर हमेशा यही बात होती रही है कि इन राज्यों को तोड़ कर इनके 2 या 3 राज्य बना दिए जाए ताकि इनका विकास जल्दी हो सके. इस समय फिर एक राज्य का बंटवारा करके 2 राज्य बनाने की मांग जोर शोर से उठाई जा रही है. गोरखालैंड नाम के एक नए राज्य की मांग पर एक सन्देश इस समय खूब वायरल हो रहा है.

गोरखालैंड बनाने के लिए आन्दोलन कर रहे लोगो की मांग है कि उन्हें पश्चिम बंगाल से अलग कर दिया जाए. यहाँ के लोग एक अलग राज्य चाहते है जिससे उनका विकास हो सके. जिसके लिए काफी दिनों तक उग्र प्रदर्शन भी हुआ था. मोदी सरकार ने इस मांग पर अपनी मंज़ूरी दे दी है.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह से इसके लिए तैयारी करने के लिए कहा गया है. गोरखालैंड के सभी नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है ताकि इस मुद्दे पर आसानी से फैसला लिया जा सके. अगले महीने प्रधानमंत्री खुद गोरखालैंड आकर इसका एलान करेंगे.

यह जो सन्देश वायरल हो रहा है. जब इस सन्देश के बारे में पता लगाया है कि आखिर इस सन्देश के पीछे की सच्चाई आखिर क्या है? आखिर इस सन्देश को फैलाने के पीछे किसी का क्या मकसद हो सकता है? आपको बता दे कि सन्देश के अंत में लिखा है कि जय गोरखा,जय मोदी.

जब इस सन्देश की सच्चाई सामने आयी तो पता चला कि पीएम मोदी ने अबतक ऐसा कोई एलान नहीं किया है. जिसमें गोरखालैंड को नए राज्य बनाने की अनुमति दी गयी हो और न ही उन्होंने इस तरह की कोई मीटिंग की है. आपको बता दें कि 2017 के एक आर्टिकल के मुताबिक बीजेपी अलग गोरखालैंड बनाने के पक्ष में कभी नहीं है और न ही बीजेपी इसका सपोर्ट करती है. इससे साफ़ है कि यह खबर केवल एक अफवाह है.

इससे यह खबर तो साफ़ है कि गोरखालैंड राज्य पर अबतक कोई फैसला नहीं आया है.