किसी भी छात्र – छात्रा का एक सपना होता है , कि वह बड़े होकर आई.ए.एस बने , आई.पी.एस बने , भारतीय सेना को अपना योगदान दे , डॉक्टर बने आदि । परंतु यह सपने किसी किसी के पुरे होते है | जो व्यक्ति अपने लक्ष्य के लिए अपनी क्षमता से अधिक मेहनत करता है  वही सफलता प्राप्त करता है । कहा जाता है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती । इसलिए अगर कोई व्यक्ति बोहोत परिश्रम करता है तो अवश्य ही वह सफलता प्राप्त करता है ।

आज हम ऐसे ही एक मेहनती आई.पी.एस ऑफिसर की बात करेगें जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह सफलता प्राप्त कर पूरे विश्व में मिसाल पेश की है । इस प्रतिभाशाली आई.पी.एस ऑफिसर  का नाम मेरिन जोसेफ है जिनका जन्म केरला के कोट्टायम मे हुआ था । मेरिन जोसेफ ने अपनी बी.ए की डिग्री स्टीफन कॉलेज दिल्ली से प्राप्त की  है । मेरिन जोसेफ के पिता कृषि मंत्रालय में प्रमुख सलाहकार है और उनकी माँ अर्थ्शास्त्र की शिक्षिका है ।

मेरिन जोसेफ केरल की तीसरी महिला आई.पी.एस ऑफिसर है , जिनसे पहले आर.सरीलखा और बी.संध्या है । इसके साथ साथ मेरिन जोसेफ केरल कि सबसे कम उम्र सिर्फ 22 साल में ही आई.पी.एस ऑफिसर बनकर यह विश्व जगत को बता दिया कि लड़कियां भी किसी से कम नही है । मेरिन जोसेफ की इस साल पदोन्नति हो गई है और वह अब एस.पी बन गई है और कमांडेंट ऑफ केरल आर्मड पुलिस में पोस्टेड हुई है , मेरिन जोसेफ इस पद पर बैठने वाली पहली महिला है । मेरिन जोसेफ ने अपने पहले ही सिविल परीक्षा के प्रयास में यह परीक्षा उत्तीर्ण कर लिया था । यह परीक्षा इन्होंने 2012 में उत्तीर्ण किया ।

मेरिन जोसेफ ने अपने बचपन सें ही ठान ली थी कि वह एक दिन आई.पी.एस ऑफिसर बनेगी । मेरिन जोसेफ ने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी लगन से और मेहनत से प्रयास किया । इन्होने अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए तब तक मेहनत की जब तक इन्होंने अपना लक्ष्य प्राप्त नही कर लिया । कहा जाता है कि किस्मत के साथ साथ कठोर परिश्रम भी जरुरी होता है । मेरिन जोसेफ ने कठोर परिश्रम कर अपनी क़िस्मत को भी अपना साथ देने के लिए मजबूर कर दिया । जिसकी बदौलत आज मेरिन जोसेफ आई.पी.एस ऑफिसर बन सकी ।

मेरिन जोसेफ ने ना ही सिर्फ भारत मे बल्कि पूरे विश्व जगत में इन्हें प्रेरणा के तौर पर देखा जायेगा । मेरिन जोसेफ शुरु से ही बोहोत मेहनती थें , वही मेहनत आज हम सबको देखने को मिली है । मेरिन जोसेफ नियमित तौर पर अपनी पढ़ाई किया करती थी जिसकी बदौलत वह इस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पाई । हालाँकि शुरु में नियमित तौर पर पढ़ाई करने में थोड़ी बोहोत मुश्किलें आती है पर जो व्यक्ति इन मुश्किलों को बिना डरे पार कर गया समझो वह निडर है और वह अपनी सफलता के लिए बोहोत लोभी है । जाऊँ लोग अपनी कामयाबी के लिए लोभी होते है उन्हें सफलता जरुर प्राप्त होती है ।

24 वर्ष में मेरिन जोसेफ ने कोट्टायम के एक डॉक्टर क्रिस अब्राहम के साथ पुथुपल्ली ओर्थोडोक्स चर्च मे 5 फरवरी 2015 को अपना विवाह संपन्न किया ।