मुस्लिमों ने सबसे मशहूर और प्रचलित एक ही प्राथा है वो है तीन तलाक. तीन तलाक यानी शोहर जब अपनी बेगम में गुस्से में या किसी भी वजह से तीन बार “तलाक, तलाक, तलाक” कह सकता है. यह मुद्दा यूपी के चुनाव में भी उठा था. और मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने पीएम मोदी को इसीलिए समर्थन दिया था.

आपको बता दें तीन तलाक होने के बाद मुस्लिम महिलाओं के साथ हलाला किया जाता है. आप ये जाने कि हलाला क्या होते है उससे पहले आपको एक वीडियो दिखाते हैं जिसमें एक चैनल ने हलाला करने वालों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किया है.

दरअसल इसके पीछे का सच जानने देश का जाना माना समाचार चैनल ‘आज-तक’ स्टिंग ओप्रशन करने पंहुचा. इस ऑप्रेशन में यह हलाला के नाम पर गलत काम करने वालों की पोल खोली गई और उनके खिलाफ वीडियो में पुख्ता सुबूत भी दिया है. आपको बता दें हलाला करने के लिए मौलवी एक रात के लिए तलाक शुदा महिला का पति बनता है और अगले दिन सुबह उसे तलाक देता है.

यह कैसी प्राथा? आपको बता दें कि इस वीडियो में एक मौलवी एक हलाला के लिए एक लाख रूपए मांग रहा है. एक और मौलाना ने कहा था कि 50 हजार में आपका काम हो जाएगा.

देखिये वीडियो, आपको अपनी आँखों पर विश्वास नहीं होगा.

आज तक न्यूज चैनल पर एक पैनल डिस्कशन हुई. इसमें बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा, इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान, इमाम असोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी, संघ विचारक राकेश सिन्हा, पीड़ित महिला शाजिया शान और दो अन्य पीड़ित रुबिना और रिशा खान शामिल थे.

इस दौरान इस मुद्दे पर बहुत बहस की गई. इस दौरान शाजिया खान ने मौलाना साजिद रशीदी से पूछा कि एक लड़के को खरीद कर एक हज़ार रूपए में उसका हलाला कराया गया, वो क्या था. इस पर उन्होंने एक बात कहते हुए कहा कि इस्लाम में यह सब हराम है. उन्होंने कहा जिसने भी आपके साथ यह किया है हम उसे सजा ज़रूर दिलवाएंगे. इस पर एंकर अंजना ओम कश्यप ने जानना चाहा कि एेसी महिलाओं को इंसाफ कौन देगा तो उन्होंने कुछ नहीं कहा.

तीन तलाक के पीछे की ये शर्मनाक कहानी जानकर रो देंगे आप..
जब भी यह विषय हमारे सामने आता है बहुत सी बातें और सवाल हमारे मन्न में उठ जाते है. जैसे, आखिर ये है क्या ? क्यों मुस्लिमों का एक तलाक से काम नहीं होता ? क्यों इसका विरोध करते हैं मुस्लिम मौलवी और मुस्लिम मजहब के प्रचारक ? एक जैसे क़ानून से इन मुस्लिमों के परेशानी क्या है ? क्यों मुस्लिम औरतें इस प्रथा से छुटकारा चाहती हैं ?

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सबसे पहले बात करते हैं कुरान में प्रयोग किए गए दो शब्दों का “हलाल” और “हलाला” ? हलाल शब्द टी बहुत लोगो ने सुना होगा लेकिन आइए आपको इस्लाम में इसकी मान्यता बताते है. जब एक मुसलमान धर्म के नाम पर निर्दोष जानवर की गर्दन काट देता है तो इसे कहते हैं हलाल, अल्लाह को खुश करने के लिए ऐसा करने के पीछे का कारण बताया जाता है.

आइए अब आपको इसी से मिलते झूलते शब्द की यानी ‘हलाला’ की मान्यता बताते है. इस शब्द का मतलब बहुत कम लोग जानते हैं क्योंकि ये शब्द जुड़ा है मुसलमानों के वैवाहिक जीवन और महिलाओं के खिलाफ नफरत से, नफरत भी ऐसी जिसने आज तक औरतों के जीवन में मातम का माहौल बना रखा है. मुसलमानों में 2 या 3 बीबी रखना आम बात है लेकिन कई बार मौलवी इस क़ानून का फायदा उठा लेते हैं.

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साफ़-साफ़ शब्दों में बात की जाए तो हलाला का मतलब है औरतों के खिलाफ कुछ मुस्लिमों की नफरत जिसके कारण ये तीन तलाक का क़ानून बना है, इस बात को ठीक से समझने के लिए मुस्लिम धर्म में औरतों की हालत को समझना जरूरी है. औरतों के खिलाफ नफरत की वजह से पति के द्वारा किए गए हर गुन्हा के लिए औरतों को सज़ा देने का प्रावधान है.

विवाह होने के बाद दोनों पति और पत्नी में से किसी की भी गलती हो लेकिन सजा सिर्फ औरत को भुगतनी पड़ती है. पति द्वारा तलाक देने के कई तरीके हो सकते हैं. कई बार गुस्से में या एक छोटी सी नौक-झौंक में भी पति पत्नी को तीन तलाक़ कह देता है. जिसके बाद दोनों के सम्बन्ध खत्म हो जाते है.